Dard Poem In Hindi on Dil Ki Fariyaad

जो भी दुनिया में मुहब्बत पे जाँनिसार करे
ऐसे दीवाने से आखिर क्यूँ कोई प्यार करे

रेत प्यासा सा तड़पता है हर साहिल पे
कितनी सदियों से वो लहरों का इंतजार करे

बाँटते रहते हैं वफा वो कई किश्तों में
बेवफाई का यहाँ जो भी कारोबार करे

चाहता हूँ, तेरे दामन का किनारा तो मिले
दिल भी आख़िर ये फरियाद कितनी बार करे

Hindi Poem on Kuch Ruthe Se Lagte Ho

कुछ कुछ रूठे से, लगते हो,
शायद अंदर तक टूटे लगते हो ॥

बिखरे टुकड़ो की आहट सुनी है मैंने
ये किसके हाथों से छूटे लगते हो ॥

नम आँखें सब बयाँ, कर रही है,
अपनों के हाथों से लूटे लगते हो ॥

जोड़ दूँ ज़रा क़रीब आओ तुम मेरे
तुम जहाँ जहाँ से, टूटे लगते हो ॥

मुस्कुराकर ग़म अपना छुपा रहे हो
मेरी तरह तुम भी झूठे लगते हो ॥

आओ तुम्हें इक नाम मैं दे दूँ,
तुम गुलमोहर के बूटे लगते हो ॥

Love Poem in Hindi on Ishq Banta Hai

हाथ में हाथ की हो हरारत तो इश्क़ बनता है
मौजूद हो दरमियाँ शरारत तो इश्क़ बनता है

आग उधर भी लगी हो और तुम भी सुलगो
इश्क़ को इश्क़ की हो आदत तो इश्क़ बनता है

गवाह हों सिलवटें जब शब् के कश्मकश की
न मिले कहीं भी राहत तो इश्क़ बनता है

फ़र्क़ कुछ न रहे महबूब और खुदा में तेरे
जब करो उसकी इबादत तो इश्क़ बनता है

शिद्दत की इंतिहां इस कदर होनी चाहिए
जैसे प्यासे को पानी की हो चाहत तो इश्क़ बनता है

नज़र झुकी हो और लब भी जब करीब आ जाएं
फिर भी देखो उसकी इजाज़त तो इश्क़ बनता है

Poem in Hindi on Koi Shikwa Nahi Koi Gila Nahi

अब ना कोई शिकवा ना कोई गिला ना कोई मलाल रहा,
सितम तेरे भी बे-हिसाब रहे सबर मेरा भी कमाल रहा,
हम वही हैं,बस ज़रा ठिकाना बदल लिया है,
तेरे दिल से निकलकर अब ख़ुद में रहते हैं,
शिकायत खुद से भी है….और….खुदा से भी है,
जो मिला वो मुझे मंजुर नहीं… जिसे चाहा वो हासिल नहीं ..

Hindi Poem on Bewafa Aashiq

मेरी जिंदगी को तमाशा बना दिया उसने,
भरी महफ़िल में तनहा बिठा दिया उसने,
ऐसी क्या थी नफरत उसको इस मासूम दिल से,
खुशियाँ चुराकर गम थमा दिया उसने,
बहुत नाज़ था उसकी वफ़ा पर कभी हमको,
मुझको ही मेरी नज़रों में गिरा दिया उसने,
खुद बेवफा था मेरी वफ़ा की क्या कदर करता,
अनमोल थी मै और खाक में में मिला दिया उसने..