Love Poem in Hindi


आप भी हैं,हम भी हैं,ऊपर तारे नीचे जमीं हैं।
दिल बेरंग है तो क्या,यारो शाम तो रंगीन है।
दुनिया का क्या ये तो जवां है,
पर है थकी थकी,रवानी कहां है।
गर खुद पर यकीन है,तो दुनिया हसीन है।
कुछ तरस खा ले,जरा चढ़ा ले,
हसीना ना सही, जाम तो हसीन है।

Love Poem in Hindi on Main aur Hum

तप कर गमों की आग में कुंदन बने हैं हम;
खुशबू उड़ा रहा दिल चंदन से सने हैं हम;

रब का पयाम ले कर अंबर पे छा गए;
बिखरा रहे खुशी जग बादल घने हैं हम;

सच की पकड़ के बाँह ही चलते रहे सदा;
कितने बने रकीब हैं फ़िर भी तने हैं हम;

छुप कर करो न घात रे बाली नहीं हूँ मैं;
हमला करो कि अस्त्र बिना सामने हैं हम;

खोये किसी की याद में मदहोश है किया;
छेड़ो न साज़ दिल के हुए अनमने हैं हम।

Love Poem in Hindi on Tum Apne Apne Lagte Ho

तुम मौसम मौसम लगते हो
जो पल पल रंग बदलते हो..

तुम सावन सावन लगते हो
जो सदियों बाद बरसते हो..

तुम सपना सपना लगते हो
अक्सर ख्वाबों में दिखते हो..

तुम पल पल मुझसे लड़ते हो
पर फिर भी अच्छे लगते हो..

बात तो है शर्मीली सी
पर कहने से दिल डरता है..

लो आज तुम्हें ये कहते हैं
तुम अपने अपने लगते हो..

True Love Poem on Meri Khwahish

खवाहिश नही मुझे मशहुर होने की।
आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी है।
अच्छे ने अच्छा और बुरे ने बुरा जाना मुझे।
क्यों की जीसकी जीतनी जरुरत थी उसने उतना ही पहचाना मुझे।
ऐसा नहीं है कि मुझमें कोई ऐब नहीं है
पर सच कहता हूँ मुझमे कोई फरेब नहीं है!!

Love poem in Hindi on Adhuri Mohabbat

अधूरी मोहब्बत निभाना आखिर किसे नहीं आया?
बताना मुझे नहीं आया, तो जताना उसे नहीं आया।

यूँ तो बिछाए हर तरफ जाल ही जाल थे मोहब्बत के
फसाना मुझे नहीं आया तो छुडाना उसे नहीं आया।

चुप्पी में भी जज्बातों की शिकायत बखूबी हुई लेकिन
सताना मुझे नहीं आया तो मनाना उसे नहीं आया।

अपनी अपनी जिंदगी के बस अपने अपने लम्हे
हँसाना मुझे नहीं आया तो रुलाना उसे नहीं आया।