Hindi Love Poem on Yeh Zamana

मुबारक हो सबको समा ये सुहाना
मैं खुश हूँ मेरे आसूओंपे ना जाना
मैं तो दीवाना, दीवाना, दीवाना

हजारों तरह के ये होते हैं आँसू
अगर दिल में ग़म हो तो रोते हैं आँसू
खुशी में भी आँखे भीगोते हैं आँसू
इन्हे जान सकता नहीं ये ज़माना

ये शहनाईयाँ दे रही है दुहाई
कोई चीज अपनी हुई है पराई
किसी से मिलन है किसी से जुदाई
नए रिश्तों ने तोडा नाता पूराना

ये बोले समय की नदी का बहाव
ये बाबूल की गलियाँ, ये माँझी की नाव
चली हो तो गोरी, सुनो भूल जाओ
न फिर याद करना, न फिर याद आना

Love Poem in Hindi on Shikwa Kya Unse

वो फिरते रहे दिल में ना जाने कितने राज लिये
हमने तो कभी उनसे जज्बातों को छुपाया ना था
जाने क्यों हम बेवजह मदहोश हुआ करते थे
जाम आँखों से तो कभी उसने पिलाया ना था
मीलों कब्ज़ा कर बना रखा था सपनों का महल
पर उसने वो ख़्वाब कभी आँखों में सजाया ना था
धड़कन ‘मौन’ हुई अब एक आह की आवाज़ है
शिकवा क्या उनसे जिसने कभी अपना बनाया ना था..

Love Poem in Hindi on Sukhe Patte Ki Tarah

जिस तरह बे मौसम बारिश सूखे पत्तों पे आवाज़ करती है,
तुम आजकल बिन बोले मुझसे इस तरह बात करती हो,
ना पता है तुमको मेरी परेशानी का ना ही मेरे दिल की हालत का,
मैं ऐसा क्यों हो रहा हूँ यह सवाल भी नहीं करती हो,
तुम्हें फ़िक्र रह गयी है अपनी और शायद सिर्फ़ अपनी,
क्यों नहीं इस रिश्ते से निकल कर पहली सी मुलाक़ात करती हो,
बहुत दिन हो गये मुझको दोपहर की नींद से जगाए,
क्यों नहीं मेरे कानो में आकर कोई शरारत वाली बात करती हो,
एक वक़्त था जब हम तुम थे सुख दुख के साथी,
क्यों नहीं तुम मुझको समझा कर एक नयी शुरुआत करती हो,
सूखे पत्तों की खरखराहट सी तुम मुझसे बात करती हो,
मैं बहुत उदास हो जाता हूँ जब तुम मुझसे इस तरह बात करती हो..

Love Poem in Hindi on Ishq Banta Hai

हाथ में हाथ की हो हरारत तो इश्क़ बनता है
मौजूद हो दरमियाँ शरारत तो इश्क़ बनता है

आग उधर भी लगी हो और तुम भी सुलगो
इश्क़ को इश्क़ की हो आदत तो इश्क़ बनता है

गवाह हों सिलवटें जब शब् के कश्मकश की
न मिले कहीं भी राहत तो इश्क़ बनता है

फ़र्क़ कुछ न रहे महबूब और खुदा में तेरे
जब करो उसकी इबादत तो इश्क़ बनता है

शिद्दत की इंतिहां इस कदर होनी चाहिए
जैसे प्यासे को पानी की हो चाहत तो इश्क़ बनता है

नज़र झुकी हो और लब भी जब करीब आ जाएं
फिर भी देखो उसकी इजाज़त तो इश्क़ बनता है

Love Poem in Hindi on Tumhe Khushiyan De Jaun

तेरी एक हँसी पे ये दिल कुर्बान कर जाऊँ,
ऐतराज ना हो अगर तो तेरा दिल चुरा ले जाऊँ,
ना बहने दुँ कभी इन आँखों से आँसू,
तु कहे तो तेरे सारे सितम सह जाऊँ,
हँसता हुआ रखूँ तेरे लबों को हमेशा,
छू कर जिन्हें वो प्यारी मुस्कान दे जाऊँ,
दिल से लगा के रखूँ तुम्हें,
मन तो करता है तुम्ही में खो जाऊँ,
सुनता ही रहूँ तुम्हारी धड़कनों को,
और अपने दिल की हर बात कह जाऊँ,
गम को कभी करीब ना आने दूँ,
और तुम्हें जिन्दगी की खुशीयाँ तमाम दे जाऊँ..