Sad Shayari in Hindi on Mere Zakhm

न सता ए ज़िन्दगी कि अब सहा नही जाता,
गमो मे ड़ूब कर अब रहा नही जाता,
य तो आर कर य पार कर,
मेरे ज़ख्मो का अब तू ही हिसाब कर..

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