Romantic Shayari in Hindi on Barsaat Bhi Baadal Bhi

बरसात भी नहीं है बादल गरज रहे हैं,
सुलझी हुई लटे हैं और हम उलझ रहे हैं,
मदमस्त एक भँवरा क्या चाहता कली से,
तुम भी समझ रहे हो हम भी समझ रहे हैं..

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