Dard Bhari Shayari

साकी पिला रहा है और मैं पिए जा रहा हूँ,
हर सांस पर बस नाम तेरा लिए जा रहा हूँ ,
ख्वाइश तो मरने की है फिर भी जिए जा रहा हूँ,
जो आगाज़ तुम ने किया था मेरी बर्बादिओं का मैं उन्हें अंजाम दिए जा रहा हूँ.

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