Love Shayari in Hindi on Bewafa Zuban

कसूर तो था ही इन निगाहों का,
जो चुपके से दिदार कर बैठी,
हमने तो खामोश रहने की ठानी थी,
पर बेव़फा ये जुब़ान इजहार कर बैठी..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *