Love Shayari – Aakhon Mein Nasha

हर ज़ख्म मुन्तजिर है तेरी एक निगाहै करम का,
आँखो मै नशा है तेरी मोहब्बत के झुटे भरम का,
ज़ख्म भी फूल बन के खिल जाते है मेरी रूह के,
जब बादे सबा पैगाम लाती है तेरी अंजूमन का..

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