Love Poem in Hindi on Main aur Hum

तप कर गमों की आग में कुंदन बने हैं हम;
खुशबू उड़ा रहा दिल चंदन से सने हैं हम;

रब का पयाम ले कर अंबर पे छा गए;
बिखरा रहे खुशी जग बादल घने हैं हम;

सच की पकड़ के बाँह ही चलते रहे सदा;
कितने बने रकीब हैं फ़िर भी तने हैं हम;

छुप कर करो न घात रे बाली नहीं हूँ मैं;
हमला करो कि अस्त्र बिना सामने हैं हम;

खोये किसी की याद में मदहोश है किया;
छेड़ो न साज़ दिल के हुए अनमने हैं हम।

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