Dard Bhari Shayari on Toota Hua Dil

उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है!
जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है!
दिल टूटकर बिखरता है इस कदर!
जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है!

3 thoughts on “Dard Bhari Shayari on Toota Hua Dil”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *