Zindagi Shayari in Hindi on In Andheron Mein


इन अंधेरों में मुझे एक रौशनी सी दिखती है…
कहीं ये मेरी ज़िन्दगी तो नहीं!

जैसे वादियों में शामिल कोई नमी सी दिखती है…
कहीं ये मेरी ज़िन्दगी तो नहीं!

में तन्हां बैठा हूँ, किसी पेड की छांव में और वो फुल की एक कली सी दिखती है…
कहीं ये मेरी ज़िन्दगी तो नहीं!

Zindagi Shayari in Hindi on Paisa Ko Apna Samajh Baithe

हम तो वरदान को ही शाप समझ बैठे है,
सामने पूण्य है और हम पाप समझ बैठे है,
पहले माँ-बाप को ही दौलत समझते थे हम,
अफसोस अब दौलत को ही माँ-बाप समझ बैठे है..

Zindagi Shayari in Hindi on Apni Uljhan Apne Hal

अपनी उलझन में ही अपनी, मुश्किलों के हल मिले ,
जैसे टेढ़ी मेढ़ी शाखों पर भी रसीले फल मिले ,
उसके खारेपन में भी कोई तो कशिश जरुर होगी,
वर्ना क्यूँ जाकर सागर से यूँ गंगाजल मिले ..