Dard Bhari Shayari in Hindi on Tumhara Gussa

ना जाने क्यूँ नज़र लगी ज़माने की,
अब वजह मिलती नहीं मुस्कुराने की,
तुम्हारा गुस्सा होना तो जायज़ था,
हमारी आदत छूट गयी मनाने की..

Dard Bhari Shayari in Hindi on Meri Ruh So Gayi

तक़दीर के आईने में मेरी तस्वीर खो गई,
आज हमेशा के लिए मेरी रूह सो गई,
मोहब्बत करके क्या पाया मैंने,
वो कल मेरी थी आज किसी और की हो गई ..

Dard Bhari Shayari in Hindi on Zidd Na Karo

उलझी शाम को पाने की ज़िद न करो,
जो ना हो अपना उसे अपनाने की ज़िद न करो,
इस समंदर में तूफ़ान बहुत आते है,
इसके साहिल पर घर बनाने की ज़िद न करो..

Dard Bhari Shayari in Hindi on Main Chup Hun

ज़िंदगी है बड़ी नादान इसलिए चुप हूँ,
दर्द ही दर्द सुबह शाम इसलिए चुप हूँ,
कहो तो कह दूं ज़माने से दास्तान अपनी,
उसमे आएगा तुम्हारा नाम इसलिए चुप हूँ..