Hindi Poem on Love – Koi Humse Khulkar Na Mila

गम की गलियों में हमें तेरा शहर न मिला
और अपनी खुशी का हमें वो घर न मिला

चांद बुझता रहा सुबह की आहट के बाद
सूरज की रोशनी में भी दिलबर न मिला

मेरी खामोशी में छिपी है जो बेजुबां बनकर
उनसे कुछ कहने का कभी अवसर न मिला

दिल की बातें दिल में ही रह जाती हैं
कोई भी हमसे आज तक खुलकर न मिला

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