Love Shayari in Hindi on Kya Zarurat Thi Muskurane Ki

मस्त नज़रों से देख लेना था,
अगर तमन्ना थी आज़माने की,
हम तो बेहोश यूं ही हो जाते,
क्या ज़रुरत थी मुस्कुराने की..

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