Zindagi Shayari in Hindi

शाम होते ही वो सूरज से हुकूमत छीन लेता है,
सुबह होते ही वो तारो की कियादत छीन लेता है,
तरीके सीख उसकी ज़मीन पे चलने-फिरने के,
तकब्बूर करने वालों से वो इज्जत और दौलत छीन लेता है..

Zindagi Shayari in Hindi on Paisa Ko Apna Samajh Baithe

हम तो वरदान को ही शाप समझ बैठे है,
सामने पूण्य है और हम पाप समझ बैठे है,
पहले माँ-बाप को ही दौलत समझते थे हम,
अफसोस अब दौलत को ही माँ-बाप समझ बैठे है..

Zindagi Shayari in Hindi on Mera Dawa Hai

अपनी हाथ की लकीरें जो पढ़ नहीं सकता,
हवा खिलाफ हो तो कोई चल नही सकता,
जिस घर में किया जाए बुजुर्गो को अनदेखा,
मेरा दावा है वो शख्स कभी बढ़ नही सकता ..

Zindagi Shayari in Hindi on Apni Uljhan Apne Hal

अपनी उलझन में ही अपनी, मुश्किलों के हल मिले ,
जैसे टेढ़ी मेढ़ी शाखों पर भी रसीले फल मिले ,
उसके खारेपन में भी कोई तो कशिश जरुर होगी,
वर्ना क्यूँ जाकर सागर से यूँ गंगाजल मिले ..