Hindi Poem on Deewana Tumhara Koi Aur Nahi

मौसम को इशारों से बुला क्यों नहीं लेते,
रूठा है अगर वो तो मना क्यों नहीं लेते,
तुम जाग रहे हो मुझको अच्छा नहीं लगता,
चुपके से मेरी नींद चुरा क्यों नहीं लेते,
दीवाना तुम्हारा कोई गैर नहीं,
मचला भी तो सीने से लगा क्यों नहीं लेते,
खत लिखकर कभी खत को जला क्यों नहीं लेते..

Hindi Poem on Love

आँखों मे प्यास हुआ करती थी,
दिल में तुफान उठा करते थे,
लोग आते थे गज़ल सुनने को,
हम तेरी बात किया करते थे,
सच समझते थे सब सपनो को,
रात दिन घर में रहा करते थे,
किसी विराने में तुझसे मिलकर,
दिल में क्या फुल खिला करते थे,
घर की दिवार सजाने की खातिर,
हम तेरा नाम लिखा करते थे,
कल तुझ को देखकर याद आया,
हम भी महोब्बत किया करते थे,
हम भी महोब्बत किया करते थे..

Poem in Hindi on Dosti

मैं लोगों से मुलाकातों के लम्हें याद रखता हूँ,
मैं बातें भूल भी जाऊं तो लहजे याद रखता हूँ,

सर-ए-महफ़िल निगाहें मुझ पे जिन लोगों की पड़ती हैं,
निगाहों के हवाले से वो चेहरे याद रखता हूँ,

ज़रा सा हट के चलता हूँ ज़माने की रवायत से,
कि जिन पे बोझ मैं डालू वो कंधे याद रखता हूँ,

दोस्ती जिस से कि उसे निभाऊंगा जी जान से,
मैं दोस्ती के हवाले से रिश्ते याद रखता हूँ..

Hindi Poem on Love – Koi Humse Khulkar Na Mila

गम की गलियों में हमें तेरा शहर न मिला
और अपनी खुशी का हमें वो घर न मिला

चांद बुझता रहा सुबह की आहट के बाद
सूरज की रोशनी में भी दिलबर न मिला

मेरी खामोशी में छिपी है जो बेजुबां बनकर
उनसे कुछ कहने का कभी अवसर न मिला

दिल की बातें दिल में ही रह जाती हैं
कोई भी हमसे आज तक खुलकर न मिला

Hindi Poem on Humse Hain Ruthe Vo

वो रूठे है इस कदर, मनाये कैसे,
जज्बात अपने दिल के दिखाए कैसे,
नर्म एहसासों की सिहरन कह रही पास आ जाओ,
सिमट जाओ मुझमें और दिल में समां जाओ..

देखो लौट आओ और ना रूठो हमसे,
बस रह गया है तुम्हारा इन्तेजार कब से,
इतनी भी क्या तकरार हमसे,
इन्तेजार में तेरे दिल बेक़रार कब से..

तुम लड़ना मुझसे, झगड़ना मुझसे,
पर कभी ना दूर रहना मुझसे,
देखो वो सूरज डूब रहा चांदनी लाकर,
फिर ढलती शाम में बढ़ रहा खुमार कब से..

मेरे दिल की ख़ामोशी मेरी वफायें समझों ,
अब क्या कहूँ अपने दिल की सदायें समझों,
वो रूठे है इस कदर , मनाये कैसे,
जज्बात अपने दिल के दिखाए कैसे..