Hindi Poem – Jo ab tak na hua

जो अब तक न हुआ वो इस बार हो जाये ,
मैं मुझसे मिलूं और खुद से प्यार हो जाये,
किसी महफ़िल में बैठी रहूंगी, मसखरे का नक़ाब लगाए,
हंसी के ठहाकों के पीछे कई राज़ दिल के छुपाये,
नक़ाब हटे और हक़ीक़त का दीदार हो जाये,
मैं मुझसे मिलूं और खुदसे प्यार हो जाये,
या बादलों संग उड़ती मिलूंगी ,रंगीन खवाबों के पंख लगाए,
थकते कबधो पर फिर भी कई आरज़ू के बोझ उठाये,
बोझ गिरे और हलके ख्वाबों से दिल खुशगवार हो जाये,
मैं मुझसे मिलूं और खुदसे प्यार हो जाये,
जो अब तक न हुआ वो इस बार हो जाये।।

Dosti shayari in Hindi On Apne dost ki tarah

मेरी खुशबु की सुबह, मेरे हौसले की वजह,
मेरी सोच की गहराई, मेरी रौशनी की सतह,
काश..
मैं भी खुद के लिए बन पाती अपनी दोस्त की तरह..

Hindi Poem on Tere Sang Chalna Mujhe

तुमको छुले जो हवा उसे छूना चाहूँ मैं,
तू जो संग चले न होंगे तनहा रास्ते,
कब तक मैं अकेले रहूं, कब तक मैं अकेले चलूँ,
तू जो बस आ जाये मेरे पास बदल जाएगी मेरी दुनिया।।

Hindi Shayari by a Common Girl

पापा की परी , परिवार की मुस्कान हूँ मैं,
सारा दिन दुनिया में बेफिक्र होकर उड़ती हूँ मैं,
लेकिन शाम होने के बाद जब याद सबकी आती है,
घर पहुंचकर ही खुदको मेहफ़ूज़ पाती हूँ मैं..